शयन भोग सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी की दिनचर्या का अंतिम और अत्यंत भावनात्मक चरण है। इस सेवा में रात्रि विश्राम से पूर्व ठाकुर जी को विशेष भोग अर्पित किया जाता है तथा मंदिर में मधुर भजन और दीप आरती के साथ ठाकुर जी को शयन के लिए विश्राम दिलाया जाता है। यह सेवा दिनभर की भक्तिपूर्ण यात्रा का समापन नहीं, बल्कि अगले प्रभात की भक्ति का शुभ आरंभ है।
भक्त इस सेवा के माध्यम से ठाकुर जी के चरणों में अपना समर्पण और आभार अर्पित करता है — मानो कहता हो, “हे प्रभु! आज का दिन आपकी कृपा से पूर्ण हुआ।
शयन सेवा भक्त और भगवान के बीच आत्मीयता का सबसे कोमल क्षण है। यह सेवा दिनभर की सभी सेवाओं का सार है — जहाँ शांति, स्नेह और समर्पण एकसाथ समाहित होते हैं। रात्रि में ठाकुर जी को विश्राम कराना इस बात का प्रतीक है कि भक्त अपने जीवन का नियंत्रण भी प्रभु को समर्पित कर चुका है।
जो भक्त ठाकुर जी को विश्राम कराता है, उसकी रात भयमुक्त और जीवन स्नेहमय हो जाता है।
रात्रि की शांति में जब ठाकुर जी विश्राम करते हैं, तब पूरे वृंदावन में भक्ति की मधुर लोरी गूंजती है। वही लोरी भक्त के हृदय में सनेह का संकल्प बनकर ठहर जाती है।
सेवा बुकिंग से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए भक्त मंदिर प्रबंधन टीम से सीधे संपर्क कर सकते हैं।