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शयन भोग सेवा

शयन भोग सेवा

सेवा का परिचय

शयन भोग सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी की दिनचर्या का अंतिम और अत्यंत भावनात्मक चरण है। इस सेवा में रात्रि विश्राम से पूर्व ठाकुर जी को विशेष भोग अर्पित किया जाता है तथा मंदिर में मधुर भजन और दीप आरती के साथ ठाकुर जी को शयन के लिए विश्राम दिलाया जाता है। यह सेवा दिनभर की भक्तिपूर्ण यात्रा का समापन नहीं, बल्कि अगले प्रभात की भक्ति का शुभ आरंभ है।

भक्त इस सेवा के माध्यम से ठाकुर जी के चरणों में अपना समर्पण और आभार अर्पित करता है — मानो कहता हो, “हे प्रभु! आज का दिन आपकी कृपा से पूर्ण हुआ।

सेवा का महत्व

शयन सेवा भक्त और भगवान के बीच आत्मीयता का सबसे कोमल क्षण है। यह सेवा दिनभर की सभी सेवाओं का सार है — जहाँ शांति, स्नेह और समर्पण एकसाथ समाहित होते हैं। रात्रि में ठाकुर जी को विश्राम कराना इस बात का प्रतीक है कि भक्त अपने जीवन का नियंत्रण भी प्रभु को समर्पित कर चुका है।

जो भक्त ठाकुर जी को विश्राम कराता है, उसकी रात भयमुक्त और जीवन स्नेहमय हो जाता है।

अर्पण के प्रकार

  • शयन भोग: दूध, मिश्री, सूखे मेवे और हल्के मिष्ठान्न।
  • आरती और लोरी: मधुर वंशी ध्वनि या भजन के साथ शयन आरती।
  • दीप अर्पण: मंद प्रकाश और चंदन-सुगंधित वातावरण में विश्राम की तैयारी।

सेवा प्रक्रिया

  1. भक्त वेबसाइट या मंदिर कार्यालय से सेवा बुक करें।
  2. निर्धारित तिथि और समय (रात्रि 8:00 से 9:30) का चयन करें।
  3. मंदिर में ठाकुर जी का शयन भोग विधिपूर्वक अर्पित किया जाएगा।
  4. सेवा के उपरांत आरती और लोरी पाठ के बाद ठाकुर जी को विश्राम दिलाया जाएगा।
  5. भक्त को सेवा का पुष्टिकरण और शयन दर्शन फोटो/लिंक भेजा जाएगा।

नियम एवं दिशा–निर्देश

  • शयन भोग सात्त्विक और हल्का होना चाहिए।
  • सेवा का समय रात्रि आरती के उपरांत निर्धारित है।
  • किसी भी विशेष पर्व या आयोजन पर समय में परिवर्तन मंदिर प्रबंधन द्वारा सूचित किया जाएगा।
  • भक्त चाहें तो अपने नाम से लोरी या भजन अर्पण की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।

सेवा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण

  • भक्त का नाम
  • गोत्र
  • नक्षत्र / जन्म राशि (यदि उपलब्ध हो)
  • सेवा किसके नाम से करवाई जा रही है
  • विशेष अवसर (यदि कोई हो)
  • निवास स्थान
  • ईमेल व मोबाइल नंबर
  • तिथि और समय स्लॉट

आध्यात्मिक संदेश

रात्रि की शांति में जब ठाकुर जी विश्राम करते हैं, तब पूरे वृंदावन में भक्ति की मधुर लोरी गूंजती है। वही लोरी भक्त के हृदय में सनेह का संकल्प बनकर ठहर जाती है।


हमारे पंडित जी से संपर्क कैसे करें?

सेवा बुकिंग से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए भक्त मंदिर प्रबंधन टीम से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

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