यमुना–जल एवं गुलाब–जल सेवा
सेवा का परिचय
यमुना–जल एवं गुलाब–जल सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी के अभिषेक और शीतलता से जुड़ी एक अत्यंत पवित्र सेवा है। इस सेवा में ठाकुर जी के विग्रह का अभिषेक श्री यमुना जी के पावन जल और सुगंधित गुलाब जल से किया जाता है।
यह सेवा भक्त के जीवन में शुद्धता, शांति और स्नेह की निर्मलता का संचार करती है। यमुना जल को स्वयं श्रीराधा जी का स्नेहस्वरूप माना गया है — और जब यह जल ठाकुर जी के चरणों को स्पर्श करता है, तो भक्ति का प्रवाह भक्त के हृदय में अविरल बहने लगता है।
सेवा का महत्व
यमुना–जल सेवा केवल बाह्य स्नान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि का प्रतीक है। इस सेवा से भक्त के जीवन से नकारात्मकता, क्लेश और अशांति का नाश होता है गुलाब जल का अर्पण भक्ति में प्रेम और सुगंध का संचार करता है — यह सेवा भक्त के भावों को पुष्प की तरह कोमल और निर्मल बनाती है।
जिसे यमुना जल से ठाकुर जी का स्पर्श मिलता है, उसके जीवन में करुणा और सनेह की धारा बहने लगती है।
अर्पण के प्रकार
- यमुना जल अभिषेक: वृंदावन की पावन यमुना जी के जल से ठाकुर जी का स्नान।
- गुलाब जल अर्पण: प्राकृतिक गुलाबों से निकले शुद्ध जल का छिड़काव।
- सुगंधित मिश्रण स्नान: इत्रित जल और चंदन से स्निग्ध अभिषेक।
- पर्व विशेष सेवा: पूर्णिमा और एकादशी पर विशेष यमुना जल सेवा।
सेवा प्रक्रिया
- भक्त वेबसाइट या मंदिर कार्यालय से सेवा आरक्षित करें।
- तिथि और समय मंदिर प्रबंधन द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
- सेवा दिवस पर ठाकुर जी का अभिषेक यमुना जल और गुलाब जल से सम्पन्न होगा।
- अभिषेक के उपरांत ठाकुर जी का शृंगार और आरती की जाएगी।
- भक्त को पुष्टिकरण संदेश और सेवा की झलकियाँ भेजी जाएँगी।
नियम एवं दिशा–निर्देश
- अभिषेक हेतु प्रयुक्त जल शुद्ध, छना हुआ और प्राकृतिक स्रोत से लिया जाएगा।
- गुलाब जल केवल पुष्प–सार से तैयार होगा, कृत्रिम सुगंध वर्जित है।
- भक्त यदि जल या इत्र अर्पण स्वयं भेजना चाहें, तो मंदिर को पूर्व सूचना आवश्यक है।
- सेवा के समय मंदिर परिसर में मौन और पवित्रता बनाए रखना अनिवार्य है।
सेवा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण
- भक्त का नाम
- गोत्र
- नक्षत्र / जन्म राशि (यदि उपलब्ध हो)
- सेवा किसके नाम से करवाई जा रही है
- अवसर (पर्व, पूनम, जन्मदिन आदि)
- निवास स्थान
- ईमेल व मोबाइल नंबर
- तिथि और समय स्लॉट
आध्यात्मिक संदेश
यमुना का जल जब ठाकुर जी के चरणों को छूता है, तब हर बूँद भक्ति का अमृत बन जाती है — जो भक्त के जीवन में स्नेह और शांति का आशीर्वाद बनकर बरसती है।