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छप्पन भोग सेवा

छप्पन भोग सेवा

सेवा का परिचय

छप्पन भोग सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी की सबसे भव्य और महिमामयी सेवाओं में से एक है। इस सेवा में ठाकुर जी को 56 प्रकार के विविध व्यंजन, फल, मिष्ठान्न और पेय अर्पित किए जाते हैं। यह सेवा पूर्ण समर्पण, कृतज्ञता और आनंद की प्रतीक है — जहाँ भक्त अपने भावों को अन्न, स्वाद और प्रेम के रूप में ठाकुर जी को समर्पित करता है।

छप्पन भोग” का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की उस कथा से है, जब वे दिन में केवल आठ बार भोजन करते थे, और गोवर्धन पर्व के दिन उन्होंने एक समय का अन्न त्याग दिया। भक्तों ने उनके प्रति प्रेम और आभार स्वरूप 56 प्रकार के भोग अर्पित किए — तभी से यह सेवा भक्ति का सर्वोच्च रूप मानी जाती है।

सेवा का महत्व

छप्पन भोग सेवा भक्त के लिए केवल भोग नहीं, बल्कि आभार का उत्सव है। यह सेवा दर्शाती है कि भक्त ठाकुर जी को जीवन के हर स्वाद, हर अनुभव और हर आशीर्वाद का भागी बना देता है। यह सेवा मन, वचन और कर्म तीनों से प्रभु को समर्पण की साक्षात अभिव्यक्ति है।

जो भक्त स्नेह से 56 भोग अर्पित करता है, उसके जीवन में कृपा के 56 गुण प्रवाहित होते हैं।

अर्पण के प्रकार

  • मुख्य व्यंजन: पूरी, कचौरी, पनीर व्यंजन, दाल, चावल, सब्ज़ियाँ।
  • मिष्टान्न: लड्डू, खीर, बर्फी, रसगुल्ला, पेडा, जलेबी आदि।
  • फलाहार: मौसमी फल, सूखे मेवे, मिश्री, शहद।
  • पेय पदार्थ: शरबत, दूध, लस्सी, ठंडाई।
  • विशेष प्रसाद: गुड़, तुलसी पत्र, पंचामृत, मक्खन और मिश्री।

सेवा प्रक्रिया

  1. भक्त वेबसाइट या मंदिर कार्यालय में छप्पन भोग सेवा आरक्षित करें।
  2. मंदिर प्रबंधन सेवा की तिथि और आयोजन का निर्धारण करेगा।
  3. सभी 56 भोग मंदिर के रसोईघर में पवित्रता और विधिपूर्वक तैयार किए जाएंगे।
  4. निर्धारित समय पर ठाकुर जी के चरणों में अर्पित कर आरती और संकीर्तन किया जाएगा।
  5. सेवा के उपरांत भक्त को पुष्टिकरण संदेश और प्रसाद वितरण की जानकारी भेजी जाएगी।

नियम एवं दिशा–निर्देश

  • सभी भोग सामग्री सात्त्विक और शुद्ध होनी चाहिए।
  • किसी भी भोग में तामसिक तत्व (लहसुन, प्याज आदि) का प्रयोग नहीं होगा।
  • यदि भक्त स्वयं सामग्री भेजना चाहते हैं, तो मंदिर प्रबंधन को अग्रिम सूचना देना आवश्यक है।
  • त्योहारों (जैसे अन्नकूट, गोवर्धन पूजा आदि) पर यह सेवा विशेष रूप से आयोजित की जाती है।

सेवा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण

  • भक्त का नाम
  • गोत्र
  • नक्षत्र / जन्म राशि (यदि उपलब्ध हो)
  • सेवा किसके नाम से करवाई जा रही है
  • अवसर (पर्व, जन्मदिन, पुण्यतिथि आदि)
  • निवास स्थान
  • ईमेल व मोबाइल नंबर
  • सेवा की तिथि और समय स्लॉट

आध्यात्मिक संदेश

छप्पन भोग केवल व्यंजन नहीं, यह 56 प्रकार के भावों का अर्पण है — जहाँ प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता एक साथ ठाकुर जी के चरणों में नमन करते हैं।


हमारे पंडित जी से संपर्क कैसे करें?

भक्त चाहें तो अपने नाम से विशेष “छप्पन भोग महोत्सव” आयोजित करवा सकते हैं, जिसमें सेवा के साथ संकीर्तन और प्रसाद वितरण भी होता है।

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